🎯 Question #145Ecology & Biodiversity 📅 21 October 2026

पश्चिमी घाट पारिस्थितिक शासन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पश्चिमी घाट छह भारतीय राज्यों में फैला हुआ है और इसे वैश्विक स्तर पर जैविक विविधता के सबसे संवेदनशील हॉटस्पॉट में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त है। 2. गाडगिल समिति और कस्तूरीरंगन समिति दोनों का गठन पश्चिमी घाट के संरक्षण और सुरक्षा के लिए उपाय सुझाने हेतु किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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This question was curated from today's in-depth analytical breakdown: पश्चिमी घाट पर पारिस्थितिक संकट: शरावती बेसिन खतरे में

पश्चिमी घाट पर पारिस्थितिक संकट: शरावती बेसिन खतरे में

कल की मुख्य घटना

21 अक्टूबर, 2026 को पर्यावरण विशेषज्ञों ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज की रिपोर्ट पर सवाल उठाए, जिसमें शरावती परियोजना के कारण पश्चिमी घाट पर मंडरा रहे पारिस्थितिक जोखिमों की चेतावनी दी गई है।

कार्यकारी परिदृश्य

कल्पना कीजिए एक ऐसे हरे-भरे स्पंज की जो मानसून वर्षा को सोखकर दक्षिण भारत के करोड़ों लोगों के जीवन को पोषित करता है। आज वह आधुनिक बुनियादी ढांचे के भारी दबाव तले सिसक रहा है। 21 अक्टूबर, 2026 को एक तीखी पर्यावरण संरक्षण बहस छिड़ गई, जब वैज्ञानिकों ने पश्चिमी घाट की हरी पहाड़ियों पर मंडराने वाले खतरों को लेकर आकलन की गहराई से समीक्षा की।

महत्वपूर्ण डेटा मैट्रिक्स

प्रमुख आयामसत्यापित विवरण
शासी प्राधिकारीनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज और पर्यावरण मंत्रालय
परियोजना पैमानाबहु-करोड़ रुपये की पंप-भंडारण जलविद्युत परियोजना
समय सीमा21 अक्टूबर, 2026 तक सक्रिय विशेषज्ञ समीक्षा
प्राथमिक लक्ष्यपश्चिमी घाट का जैव विविधता बेसिन और स्थानिक प्रजातियाँ

मुख्य आधार स्तंभ

  • पारिस्थितिकी सुभेद्यता: पश्चिमी घाट में बुनियादी ढांचे का हस्तक्षेप दुर्लभ प्रजातियों के प्रसूति गृह के बीचों-बीच हाईवे बनाने जैसा है।
  • जलविज्ञान व्यवधान: शरावती नदी बेसिन के स्वरूप को बदलना दीर्घकालिक जलवैज्ञानिक असंतुलन पैदा करता है, जो पर्यावरणीय स्थिरता को कमजोर करता है।
  • नीतिगत विरासत: यह विवाद माधव गाडगिल और के. कस्तूरीरंगन समिति की ऐतिहासिक सिफारिशों की याद दिलाता है।

कार्यकारी निष्कर्ष

भारत की विकासात्मक आवश्यकताओं और पश्चिमी घाट के संरक्षण के बीच संतुलन बनाना हमारी सबसे संवेदनशील चुनौतियों में से एक है। शरावती परियोजना पर रिपोर्ट का विश्लेषण यह रेखांकित करता है कि राष्ट्रीय प्रगति वनों की धड़कन की उपेक्षा नहीं कर सकती।

पर्यावरण शासन डेस्क द्वारा प्रकाशित

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