🎯 Question #267State-Specific Current Affairs 📅 31 October 2026

भारत के संवैधानिक ढांचे और प्रशासनिक इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. भारत के संविधान का अनुच्छेद 246 सातवीं अनुसूची की सूचियों के तहत संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के वितरण को रेखांकित करता है। 2. राज्य पुनर्गठन अधिनियम, जो 1 नवंबर 1956 को प्रभावी हुआ, ने भारत के प्रशासनिक विभागों को 14 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित किया। 3. 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधन अधिनियमों ने विशेष रूप से पंचायतों और नगर पालिकाओं को विषयों का प्रतिनिधित्व सौंपकर शासन का विकेंद्रीकरण किया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

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This question was curated from today's in-depth analytical breakdown: भारतीय संघवाद और राज्य विनियामक दिशानिर्देश

शीर्ष परीक्षा विषय एवं मुख्य अवधारणाएं

  • सातवीं अनुसूची (राज्य व समवर्ती सूची): भारतीय संविधान का अनुच्छेद 246 संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के स्पष्ट त्रिस्तरीय विभाजन का निर्धारण करता है।
  • वैधानिक अधिसूचनाएं: संसद या राज्य विधानमंडलों के अधिनियमों के तहत कार्यकारी प्राधिकारियों द्वारा जारी किए गए बाध्यकारी प्रशासनिक निर्देश।

घटनाक्रम: 31 अक्टूबर 2026 की गतिविधि: 31 अक्टूबर 2026 को वैधानिक अधिकारियों ने राज्य-विशेष अनुपालन के लिए अद्यतन विनियामक निर्देश जारी किए। इन निर्देशों का उद्देश्य क्षेत्रीय शासन प्रणालियों में पारदर्शिता और प्रशासनिक स्थिरता स्थापित करना है।


क्षेत्रीय विविधताओं से संवैधानिक व्यवस्था तक

1950 में भारतीय प्रशासनिक ढांचा विभाजित था। उस समय देश भाग A, B, C और D श्रेणियों में बंटा हुआ था। औपनिवेशिक नियम प्रभावी थे। निर्णय प्रक्रिया असमान थी। नीतिगत निष्पादन बाधित होता था।

ऐतिहासिक रूप से 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम लागू किया गया। इस कानून ने पुरानी प्रशासनिक विसंगतियों को समाप्त कर दिया। देश को भाषाई और प्रशासनिक आधार पर 14 राज्यों तथा 6 केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित किया गया। यह सुधार अनुच्छेद 246 और सातवीं अनुसूची के तहत राज्यों को अपनी क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार नीतियां बनाने का संवैधानिक अधिकार देता है।

राज्य शासन व्यवस्था का क्रमिक विकास

तिथिसंवैधानिक घटनाक्रमप्रशासनिक प्रभाव
राज्य पुनर्गठन अधिनियमअनुच्छेद 246 के तहत 14 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों की सीमाओं का सीमांकन।
73वां और 74वां संविधान संशोधनपंचायतों (11वीं अनुसूची: 29 विषय) तथा नगरपालिकाओं (12वीं अनुसूची: 18 विषय) को शक्तियों का अंतरण।
101वां संविधान संशोधन (जीएसटी)50:50 के अनुपात वाले केंद्रीय व राज्य जीएसटी मॉडल के माध्यम से एकीकृत कर संरचना लागू।
मानकीकृत विनियामक निर्देशसभी राज्यों के क्षेत्राधिकार में प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए अद्यतन अनुपालन मानक स्थापित।

अवधारणात्मक विश्लेषण

1. वैधानिक दिशानिर्देश
व्यावहारिक उदाहरण: किसी खेल लीग की कल्पना कीजिए। विभिन्न टीमों के प्रबंधक अपनी रणनीति चुनने के लिए स्वतंत्र हैं; लेकिन मुख्य कार्यालय खेल के समान नियम तय करता है जिनका पालन हर स्टेडियम में अनिवार्य होता है। व्यवहार में, राज्य अपनी विधायी स्वायत्तता बनाए रखते हैं, जबकि वैधानिक अधिसूचनाएं प्रशासनिक विसंगतियों को रोकती हैं।

2. सहकारी संघवाद
व्यावहारिक उदाहरण: इसे दो सीटों वाली साइकिल के उदाहरण से समझा जा सकता है। केंद्र सरकार आगे बैठकर राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति का मार्गदर्शन करती है; राज्य सरकारें पीछे बैठकर क्षेत्रीय विकास के लिए आवश्यक ऊर्जा प्रदान करती हैं। जब दोनों चालक एक साथ सामंजस्य से प्रयास करते हैं, तभी गति बनी रहती है।

प्रशासनिक प्रभाव एवं भावी दिशा

व्यवहारिक रूप से, 31 अक्टूबर 2026 को जारी विनियामक अपडेट सभी 28 राज्यों में डिजिटल अनुपालन स्थापित करने का लक्ष्य रखता है। धरातल पर, मानकीकृत अनुपालन प्रक्रियाएं प्रशासनिक स्वीकृतियों में लगने वाले समय को घटाएंगी; इससे अंतर-राज्यीय व्यापार में सुगमता आएगी और आम नागरिकों तक जनसेवाएं तेजी से पहुंचेंगी।

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